भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह व्यापारिक ढांचा भारत के किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और छोटे व्यापारियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और गहराते रणनीतिक व आर्थिक संबंधों का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की यह रूपरेखा ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। इससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर मौका मिलेगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समझौते से विशेष रूप से कृषि क्षेत्र, मैन्युफैक्चरिंग, नवाचार आधारित उद्योगों और सेवा क्षेत्र को लाभ होगा, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के मेहनती किसानों के लिए यह समझौता खास महत्व रखता है, क्योंकि इससे कृषि उत्पादों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खुलेंगे। इसके साथ ही छोटे और मझोले उद्यमों को भी अपने उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह व्यापारिक ढांचा भारत के युवाओं और महिलाओं के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह समझौता केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति शृंखला को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने में भी मदद करेगा। मौजूदा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत और अमेरिका का यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थिरता और संतुलन लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने इसे साझा विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का उदाहरण बताया।
अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी नेतृत्व के सहयोग और प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह व्यापारिक रूपरेखा दोनों देशों के लोगों के लिए लाभकारी साबित होगी और भारत के विकास के दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक बनेगी। कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका के बीच यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक व्यापार में देश की भूमिका को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।




