कनाडा में NSA अजीत डोभाल की अहम मुलाकातें, रिश्ते बेहतर करने पर जोर

SHARE:

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक पहल देखने को मिली है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने हाल ही में कनाडा की राजधानी ओटावा का दौरा किया, जहां उन्होंने कनाडा के शीर्ष सुरक्षा और सरकारी अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे तनाव को कम करने और आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कनाडा यात्रा के दौरान NSA अजीत डोभाल ने अपनी कनाडाई समकक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, खुफिया सहयोग और साइबर सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत किए बिना वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटना मुश्किल होगा। बैठक में साझा सुरक्षा चिंताओं, संगठित अपराध, अवैध गतिविधियों और सीमा पार खतरों पर मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में सूचना साझा करने की व्यवस्था, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और भविष्य में नियमित संवाद तंत्र विकसित करने पर भी सहमति बनी है। दोनों देशों ने कानून के दायरे में रहते हुए सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और आपसी गलतफहमियों को बातचीत के जरिए सुलझाने का संकल्प लिया। यह पहल भारत-कनाडा संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अजीत डोभाल की यह यात्रा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक संदेश कूटनीतिक स्तर पर रिश्तों को रीसेट करने का है। उच्च स्तरीय संवाद से यह संकेत मिलता है कि भारत और कनाडा दोनों ही भविष्य में व्यावहारिक सहयोग और रचनात्मक बातचीत के जरिए संबंधों को सामान्य और मजबूत बनाने के इच्छुक हैं।

कुल मिलाकर, NSA अजीत डोभाल की कनाडा में हुई इन बैठकों ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देश टकराव की बजाय संवाद और सहयोग का रास्ता अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में इसका असर भारत-कनाडा के राजनीतिक, सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है।

Leave a Comment