हवाई हमलों से दहला ईरान, खामेनेई की मौत पर पाकिस्तान में खूनखराबा

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मध्य पूर्व में जारी तनाव अब खुले युद्ध में बदलता दिखाई दे रहा है। इजरायल-ईरान संघर्ष के ताजा घटनाक्रम में इजरायली वायुसेना ने दावा किया है कि उसने एक ही दिन में ईरान के विभिन्न सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर लगभग 1200 बम गिराए। इन हमलों का लक्ष्य मिसाइल ठिकाने, एयर डिफेंस सिस्टम और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकाने बताए जा रहे हैं। तेहरान समेत कई शहरों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कई इलाकों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। ईरान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इसी बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई की कथित मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र में उबाल ला दिया है। ईरानी प्रशासन ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और बड़े पैमाने पर शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार हमलों में कई सैन्य ठिकाने क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि हताहतों के सटीक आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इन घटनाओं का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिख रहा है। पाकिस्तान में खामेनेई की मौत की खबर के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। कराची सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इन झड़पों में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया तथा कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।

समूचे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किए हैं। लगातार हो रहे हवाई हमलों, मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने क्षेत्र में मानवीय संकट की आशंका को भी गहरा कर दिया है। फिलहाल हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और दुनिया की नजरें इस संघर्ष के अगले कदम पर टिकी हैं।

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