केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे के विस्तार, सड़क निर्माण, जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, ई-बस सेवाओं की शुरुआत, स्मार्ट सिटी से जुड़ी सुविधाओं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों से पुडुचेरी में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने क्षेत्र को बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के शासनकाल में पुडुचेरी के विकास की रफ्तार धीमी रही और कई योजनाएं अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है, जिससे क्षेत्र में स्थायी और समावेशी प्रगति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण पुडुचेरी को नई पहचान और नई दिशा मिल रही है।
इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास योजनाओं के जरिए पुडुचेरी को नई गति देने और राजनीतिक रूप से विपक्ष पर दबाव बनाने के रूप में देखा जा रहा है।




