मध्य पूर्व में जारी तनाव अब पूर्ण युद्ध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में इज़राइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों और बेरूत के उपनगरों में हिज़्बोल्लाह के ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए। इज़राइली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई लेबनान से दागे गए रॉकेट और ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। हमलों के दौरान कई स्थानों पर जोरदार विस्फोट हुए, जिससे इमारतों को नुकसान पहुंचा और आम नागरिकों में दहशत फैल गई। सीमा क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों ओर से सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इज़राइल की कार्रवाई के समानांतर हिज़्बोल्लाह ने भी उत्तरी इज़राइल की ओर कई रॉकेट दागे। इज़राइली रक्षा प्रणाली ने अधिकांश रॉकेटों को हवा में ही निष्क्रिय करने का दावा किया है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सायरन बजने और लोगों को सुरक्षित ठिकानों में शरण लेने की खबरें सामने आई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि लेबनान मोर्चे के खुलने से संघर्ष और व्यापक हो सकता है।
इस बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की ओर से दावा किया गया कि यह हमला अमेरिका और इज़राइल द्वारा उसके ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जवाब में किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, साइप्रस स्थित ब्रिटिश बेस की दिशा में मिसाइलें दागी गईं। यूनाइटेड किंगडम ने कहा है कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है और अपने नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ब्रिटिश विदेश कार्यालय ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों की संभावित निकासी की योजना भी तैयार करनी शुरू कर दी है।
पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों तथा रणनीतिक परिसरों पर किए गए संयुक्त हमले बताए जा रहे हैं। इन हमलों को लेकर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और क्षेत्र में अपने सहयोगी समूहों को सक्रिय किया। इससे संघर्ष अब बहु-स्तरीय हो गया है, जिसमें सीधे और परोक्ष दोनों तरह के हमले शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। हालांकि जमीनी हालात फिलहाल तनावपूर्ण बने हुए हैं। तेल बाजारों में अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक प्रभाव की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है।




