वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों के बीच भारत ने अपने मजबूत वित्तीय प्रबंधन के दम पर आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है। केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने हाल ही में कहा कि देश का ऋण प्रबंधन “शानदार” है और पिछले वर्षों में अपनाई गई सतर्क राजकोषीय नीतियों ने भारत को वैश्विक दबावों के बावजूद मजबूत स्थिति में बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि भारत का डेट-टू-जीडीपी अनुपात प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जो सरकार के अनुशासित वित्तीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
वित्त मंत्री के अनुसार, सरकार लगातार राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और कर्ज के स्तर को संतुलित बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है। बजट में भी इस संतुलन को बनाए रखते हुए घाटे को चरणबद्ध तरीके से कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे मौद्रिक नीतियों के लिए लचीलापन बढ़ा है, जिससे Reserve Bank of India को जरूरत पड़ने पर ब्याज दरों में बदलाव जैसे कदम उठाने की गुंजाइश मिलती है, जो निवेश और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर सकता है।
उन्होंने “विकसित भारत” के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का फोकस केवल कर्ज नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास को गति देना भी उतना ही जरूरी है। इसी दिशा में बुनियादी ढांचे के विकास, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की रणनीति पर काम कर रही है, जिससे दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, सप्लाई चेन में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। ऐसे में सरकार को बढ़ते उधार और वित्तीय दबावों के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। इसके बावजूद, मजबूत बैंकिंग प्रणाली, सुधार आधारित नीतियां और निवेश को बढ़ावा देने वाले कदम भारत को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर, भारत का संतुलित ऋण प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में एक मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जहां एक ओर आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विकास और निवेश को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।




