भारत की विकास गाथा में मध्यम वर्ग निभाएगा सबसे अहम भूमिका: निर्मला सीतारमण

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत का मध्यम वर्ग देश की आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा इंजन बन चुका है और आने वाले वर्षों में देश के लगभग 500 शहर नए आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेंगे। उन्होंने यह बात फ्रांस के ऐक्स-आँ-प्रोवेंस (Aix-en-Provence) में आयोजित प्रतिष्ठित आर्थिक सम्मेलन ‘रेनकोंत्र इकोनॉमिक्स’ (Rencontres Économiques) के दौरान “नए मध्यम वर्ग के उदय को कैसे बढ़ावा दिया जाए” विषय पर आयोजित एक पैनल चर्चा में कही।

वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भारत की लगभग 31 प्रतिशत आबादी मध्यम वर्ग में आती है और आर्थिक उदारीकरण के बाद से यह वर्ग औसतन 6.3 प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ रहा है। उनके अनुसार, भारत की आर्थिक प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार मध्यम वर्ग की बढ़ती क्रय शक्ति और उपभोग है। उन्होंने कहा कि सरकार का आकलन है कि वर्ष 2036 तक देश के कुल उपभोक्ता खर्च का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा मध्यम वर्ग और उच्च-मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं से आएगा।

सीतारमण ने कहा कि भारत का मध्यम वर्ग अब केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या चेन्नई जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी मध्यम वर्ग तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे आर्थिक गतिविधियां देशभर में फैल रही हैं। इसी कारण आने वाले समय में लगभग 500 शहर नए आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, जिससे रोजगार, निवेश और उद्योगों का विस्तार महानगरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मध्यम वर्ग का दायरा बढ़ाने के लिए वित्तीय समावेशन, जीएसटी दरों के युक्तिकरण, बिना गारंटी वाले ऋण, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य अधिक लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि नई तकनीकों के कारण रोजगार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को अवसर में बदला जा सके। उन्होंने बताया कि देशभर में निजी क्षेत्र के सहयोग से जिला स्तर पर एआई स्किलिंग कार्यक्रम और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं और पेशेवरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।

सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत आज ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में शामिल है। इसका प्रमुख कारण देश में उपलब्ध विशाल कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल इकोसिस्टम है। उन्होंने बताया कि देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) भी तेजी से एआई आधारित तकनीकों को अपना रहे हैं और भारत के कुल निर्यात में इनकी लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि मध्यम वर्ग की बढ़ती आय, छोटे शहरों में आर्थिक विस्तार, तकनीकी कौशल और सरकार की विकासोन्मुख नीतियां मिलकर भारत को आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की प्रमुख ताकतों में शामिल करेंगी। उनके अनुसार, व्यापक उपभोग, नवाचार और क्षेत्रीय विकास का यह मॉडल भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को नई गति देगा।

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