राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फ्रांस की खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन जानबूझकर राफेल विमान की छवि को खराब करने के लिए वैश्विक स्तर पर दुष्प्रचार कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन की यह साजिश खासतौर पर उन देशों को प्रभावित करने के लिए की जा रही है, जो राफेल विमान की खरीददारी पर विचार कर रहे हैं। चीन की कोशिश है कि राफेल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर अपने खुद के लड़ाकू विमानों को बढ़ावा दिया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा राफेल की खरीद के बाद इसकी युद्ध क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता को लेकर दुनिया भर में इसकी मांग बढ़ी है, जिससे चीन की बेचैनी साफ देखी जा सकती है।
फ्रांसीसी एजेंसियों ने यह भी बताया है कि चीन सोशल मीडिया, फेक रिपोर्ट्स और कथित सैन्य विश्लेषकों के जरिए इस दुष्प्रचार को अंजाम दे रहा है।
अब देखना ये होगा कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद फ्रांस और भारत की सरकारें इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं और क्या चीन को इस दुष्प्रचार के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरा जाएगा।




