मोदी-स्टार्मर बैठक: व्यापार, रक्षा और तकनीक में साझेदारी को नई गति

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नई दिल्ली। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्टार्मर के बीच हुई मुलाकात में व्यापार, रक्षा, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वार्ता “काफी सार्थक और सकारात्मक” रही तथा “सहयोग को और मजबूत करने के कई सुझाव मिले।” दोनों नेताओं ने साझा हितों वाले क्षेत्रों में आगे की रणनीति तय करने पर सहमति जताई।

बैठक के दौरान भारत और ब्रिटेन ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। चर्चा के दौरान बताया गया कि 64 भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में लगभग 1.3 अरब पाउंड का निवेश करने जा रही हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक मिशनों को तेज़ करने और पारस्परिक निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई पहलकदमियों से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और गहरे होंगे तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति मिली है। बैठक के दौरान ब्रिटेन की कंपनी थेल्स द्वारा निर्मित बहुउद्देशीय हल्के मिसाइलों की आपूर्ति के लिए लगभग 350 मिलियन पाउंड के अनुबंध पर चर्चा हुई। यह समझौता न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड में रोजगार सृजन में भी मदद करेगा। इसके अलावा, समुद्री सहयोग, जहाज निर्माण और इलेक्ट्रिक इंजन तकनीक के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान पर भी सहमति बनी।

दोनों नेताओं ने तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी भविष्य की साझेदारी पर जोर दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रेड, और उन्नत विनिर्माण को लेकर दोनों देशों ने साझा कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन की साझेदारी “ग्रीन टेक्नोलॉजी और सतत विकास” के नए युग की शुरुआत करेगी।

भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि भारत-यूके साझेदारी से दोनों देशों के लिए विकास और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही राजनीतिक मतभेद मौजूद हों, लेकिन रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को प्राथमिकता देना दोनों देशों के हित में है।

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की साझेदारी “समानता, पारदर्शिता और परस्पर सम्मान” के सिद्धांतों पर आधारित होगी। सुरक्षा, नवाचार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नए समझौते तैयार करने की रूपरेखा भी तय की गई। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की भारत यात्रा ने भारत-यूके संबंधों में नई ऊर्जा का संचार किया है और आने वाले वर्षों में इस सहयोग से दोनों देशों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

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