पश्चिमी कमान का कड़ा संदेश: “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” होगा और ज्यादा घातक, सीमा पार से हरकत हुई तो अंजाम होंगे भयावह

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भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने मंगलवार को सख्त लहजे में कहा कि देश की सीमाओं के भीतर शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सीमा पार से एक बार फिर पहलगाम जैसे आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रची गई, तो भारत की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक घातक और निर्णायक होगी। कटियार ने कहा कि पिछले वर्ष चलाया गया “ऑपरेशन सिंदूर” दुश्मनों के लिए एक स्पष्ट संदेश था, और अब अगला चरण “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” पहले से अधिक प्रभावशाली, सटीक और तीव्र होगा।

लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने अपने बयान में बताया कि पाकिस्तान की ओर से अब भी कुछ असामाजिक और आतंकी तत्व भारत के खिलाफ ‘हजार कटों की नीति’ के तहत कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना हर मोर्चे पर पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना की सतर्कता, खुफिया नेटवर्क और सीमा निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी संभावित हमले या घुसपैठ की कोशिश को पहले ही विफल किया जा सके।

सेना कमांडर ने यह भी कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। तकनीकी निगरानी, सटीक हमलों और बेहतर समन्वय के जरिए अब सेना की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ी है। “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” के तहत किसी भी आतंकी गतिविधि या सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश का जवाब अत्यंत कठोर तरीके से दिया जाएगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश अब भी अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले की त्रासदी को नहीं भूला है। उस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी, जिसके बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में आतंकवादियों के ठिकानों और लॉजिस्टिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए कई लक्षित अभियान चलाए थे। तब से सीमा पार से चल रहे आतंकी नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सेना के सूत्रों के अनुसार, पिछले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादियों के कई लॉन्चपैड्स और हथियार आपूर्ति चैनलों को निशाना बनाया गया था। हालांकि इन अभियानों की संवेदनशीलता को देखते हुए सेना ने उनके विवरण सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भविष्य में यदि भारत की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो कार्रवाई और भी निर्णायक और व्यापक होगी।

लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन से बेहतर तालमेल बनाए रखने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से भी कहा कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें ताकि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जा सके। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेना हर संभव कदम उठा रही है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी पहलगाम हमले के बाद भारत के प्रति एकजुटता दिखाई थी और आतंकवाद की निंदा की थी। अब पश्चिमी कमान प्रमुख का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति पहले से कहीं अधिक सख्त और निर्णायक होगी।

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