लखनऊ — उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अदनान नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर राज्य के कई धार्मिक स्थलों, विशेष रूप से अयोध्या के श्रीराम मंदिर पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। एटीएस ने बताया कि अदनान की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी और उसके संपर्क कई संदिग्ध लोगों से जुड़े हुए थे। एजेंसी ने बताया कि यह व्यक्ति प्रदेश में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और संवेदनशील स्थलों पर हमले की योजना बना रहा था।
एटीएस सूत्रों के अनुसार, अदनान पहले भी एक गंभीर मामले में जेल जा चुका है। रिपोर्टों में बताया गया है कि उसने पहले हाईकोर्ट के एक जज को धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर रिहाई के बाद भी उसकी गतिविधियां संदिग्ध बनी रहीं। जांच एजेंसियों ने पाया कि वह कई कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित था और धीरे-धीरे आतंकी मानसिकता की ओर बढ़ रहा था।
अदनान के ठिकानों पर की गई तलाशी के दौरान एटीएस को कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। इनसे पता चला कि उसने कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों का सर्वे किया था और संभावित हमले के लिए जगहों की पहचान कर रहा था। एटीएस फिलहाल जब्त किए गए उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या किसी बाहरी संगठन से उसका लिंक था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अदनान ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुछ विदेशी अकाउंट्स से संपर्क साधने की कोशिश की थी। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि उसके तार किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से जुड़े हैं। एटीएस ने इस मामले में कई और लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए सुराग जुटा रही है।
राज्य में इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और स्थानीय खुफिया इकाइयों को भी अलर्ट किया गया है। एटीएस का कहना है कि वह इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और सभी संभावित कोणों की जांच की जा रही है।
फिलहाल अदनान को कस्टडी में लेकर पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद एटीएस अदालत में विस्तृत रिपोर्ट और चार्जशीट दाखिल करेगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी तंत्र की सक्रियता पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन एटीएस का दावा है कि सतर्कता के चलते एक बड़ा आतंकी हमला टल गया।




