SIR-2 लागू: यूपी, बंगाल समेत 12 राज्यों में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण शुरू — हर घर जाएंगे BLO तीन बार

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नई दिल्ली :- लोकतंत्र को और मज़बूत करने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की है कि देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अब ‘Special Intensive Revision (SIR) Phase-2’ लागू किया जा रहा है।

इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल हैं —

अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

जानिए SIR-2 की पूरी प्रक्रिया

यह गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगी इसके बाद 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। मतदाता 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक अपने क्लेम और ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए वे अपने संबंधित SDM या ERO (Electoral Registration Officer) से संपर्क कर सकते हैं। अगर जवाब संतोषजनक न हो, तो मतदाता जिले के DM से मिल सकते हैं, जबकि अंतिम सुनवाई राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEC) के स्तर पर होगी। 9 जनवरी से 31 दिसंबर तक सुनवाई और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चलेगी। पूरी पारदर्शी जांच के बाद 7 फरवरी को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। यह प्रक्रिया 21 साल बाद शुरू हो रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करना है। इसमें BLO, ERO और AERO की अहम भूमिका होगी।

तीन बार घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे BLO

मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत BLO (Booth Level Officers) तीन बार घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। उद्देश्य यह है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए और किसी का नाम गलत तरीके से दर्ज न हो। आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 भी शुरू की है। यह सेवा रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी, जहां नागरिक जानकारी ले सकते हैं या अपनी परेशानी को लेकर बात कर सकते हैं।

CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा

SIR केवल बंगाल के लिए नहीं, बल्कि सभी राज्यों के लिए समान रूप से लागू है। हम सब अपने दायित्व का पालन कर रहे हैं।

एक Enumeration Form  पहचान और अधिकार का दस्तावेज़ हैं।

SIR Phase-2 में प्रत्येक नागरिक को केवल एक Enumeration Form भरना होगा। यह फॉर्म BLO द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा l जिसमें आवश्यक जानकारी भर कर देनी होगी l

यह फॉर्म मतदाता की पहचान, पता, पारिवारिक विवरण और जन्मतिथि जैसी जानकारी का आधिकारिक दस्तावेज़ होगा।

ऑनलाइन प्रक्रिया 

मतदाता अपने फॉर्म को ऑनलाइन भी भर सकते है , राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) की वेबसाइट https://www.nvsp.in पर जाएं. वहां Form for Inclusion/Correction सेक्शन में जाकर आवश्यक विवरण भरें l आयोग ने इसे “आपके मताधिकार की नींव” बताया है। सत्यापन प्रक्रिया 2003–2004 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। इसके लिए 12 दस्तावेज़ों की सूची जारी की गई है, जिसमें आधार कार्ड को भी शामिल किया गया है,

एक परिवार — एक केंद्र, 2 किमी के भीतर मतदान सुविधा

SIR Phase-2 के बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। इससे मतदान के दिन भीड़भाड़ कम होगी और सभी को सहज अनुभव मिलेगा।सबसे बड़ी सुविधा यह होगी किकिसी भी मतदाता को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।इसके साथ ही अब एक ही परिवार के सभी सदस्य एक ही मतदान केंद्र पर वोट डाल सकेंगे।पहले मिली शिकायतों के अनुसार, कई बार परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों पर दर्ज हो जाते थे, जिससे असुविधा होती थी।SIR के बाद यह समस्या पूरी तरह समाप्त होगी।

पारदर्शिता और विश्वसनीयता की दिशा में कदम

CEC ने कहा कि अनुच्छेद 326 के तहत यह प्रक्रिया हो रही है और इसमें जितनी भी स्टाफ की आवश्यकता होगी, राज्य सरकारें उसे उपलब्ध कराएंगी ताकि SIR-2 को समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पूरा किया जा सके। यह पहल देशभर में मतदाता सूची को सटीक, अपडेट और भरोसेमंद बनाने के साथ मतदाताओं की सुविधा और सहभागिता को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। SIR Phase-2: एक घर, एक फॉर्म, एक केंद्र — लोकतंत्र का नया अध्याय शुरू!

Reported by :- निखिल रस्तोगी 

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