बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने पटना के होटल मौर्या में अपना संयुक्त घोषणा पत्र ‘संकल्प पत्र 2025’ जारी कर दिया। इस अवसर पर जदयू और भाजपा के शीर्ष नेता मंच पर मौजूद रहे। गठबंधन ने इस घोषणा पत्र के माध्यम से आने वाले पाँच वर्षों में बिहार के सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट पेश किया है, जिसमें रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास और बुनियादी ढांचा विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
संकल्प पत्र में एनडीए ने राज्य के युवाओं के लिए एक करोड़ रोजगार सृजित करने का वादा किया है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई, आईटी सेक्टर और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए राज्यभर में नए प्रशिक्षण केंद्र खोलने की बात कही गई है, ताकि वे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
महिला सशक्तिकरण को भी घोषणापत्र का एक प्रमुख आधार बनाया गया है। एनडीए ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने, महिला उद्यमिता योजनाओं का विस्तार करने और सुरक्षा से जुड़े कदमों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही, महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को भी प्राथमिकता दी गई है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए घोषणापत्र में कई पहलें शामिल की गई हैं। इसमें सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, कृषि उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना, तथा ग्रामीण सड़कों और बाजारों के विकास पर जोर दिया गया है। एनडीए ने कहा है कि ग्रामीण भारत की मजबूती ही बिहार के सतत विकास की कुंजी है।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एनडीए सरकार ने बड़े निवेश की योजना बताई है। इसमें एक्सप्रेसवे, नए औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क, रेलवे नेटवर्क और शहरी परिवहन सुधार की योजनाएँ शामिल हैं। साथ ही, स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत शहरों में बेहतर यातायात व्यवस्था और स्वच्छता तंत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनडीए के नेताओं ने कहा कि यह घोषणा पत्र केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि पिछले 15 वर्षों की उपलब्धियों और आने वाले वर्षों के लिए ठोस योजनाओं का रोडमैप है। हालांकि, विपक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले किए गए कई वादे अब तक अधूरे हैं, ऐसे में नए लक्ष्यों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
बिहार में इस बार चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर 2025 को होने हैं, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में एनडीए का यह संकल्प पत्र चुनावी माहौल में अपनी विकास नीति और शासन मॉडल को दोबारा स्थापित करने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
संक्षेप में, एनडीए का यह संकल्प पत्र रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास पर केंद्रित है। इसमें बिहार को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सक्षम राज्य बनाने का विजन दिखाया गया है। अब यह देखना होगा कि यह ब्लूप्रिंट केवल कागजों तक सीमित रहता है या धरातल पर उतर कर राज्य के विकास की दिशा तय करता है।




