Reported by: निखिल रस्तोगी
डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुई धर्मेंद्र जी की प्रार्थना सभा, राजनीतिक व फिल्म जगत की हस्तियाँ रहीं उपस्थित |
नई दिल्ली : सुप्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा आज शाम डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में श्रद्धाभाव से संपन्न हुई। इस दौरान राजनीति, फिल्म और सामाजिक जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ प्रार्थना सभा में उपस्थित रहीं। शामिल होने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रतिभा आडवाणी, अनुराग ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा फिल्म अभिनेता रंजीत शामिल थे। परिवार की ओर से हेमा मालिनी और ईशा देओल उपस्थिति रही।
भजन की प्रस्तुति के बाद सभी उपस्थित लोगों ने अभिनेता धर्मेंद्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धर्मेंद्र जी के सरल, स्नेही और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को याद करते हुए अपने संस्मरण साझा किए। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने वक्तव्य की शुरुआत इस भावुक पंक्ति से की “मैं यहाँ गृह मंत्री के रूप में नहीं, धर्मेंद्र जी का एक फैन के तौर पर आया हूँ।” अमित शाह ने बताया कि उनकी धर्मेंद्र जी से कभी व्यक्तिगत मुलाकात नहीं हुई थी, लेकिन हेमा मालिनी के चुनाव के दौरान धर्मेंद्र जी ने उन्हें फ़ोन किया था। स्वास्थ्य कारणों से वे प्रचार में शामिल नहीं हो पाए थे, इसलिए उन्होंने एक पत्र लिखकर मंच से पढ़वाने का आग्रह किया था ताकि उनका संदेश लोगों तक पहुँच सके।
अमित शाह ने कहा कि धर्मेंद्र जी हेमा मालिनी की जीत को लेकर बहुत चिंतित थे और बाद में जैसा उन्होंने चाहा, हेमा मालिनी भारी मतों से विजयी रहीं। अमित शाह ने अपने संबोधन में आगे कहा कि , “धर्मेंद्र जी बेहद साफ़दिल इंसान थे।” “वे फिल्म इंडस्ट्री में उस दौर में आए जब न पैसा था, न सुविधाएँ… लेकिन कड़ी मेहनत से उन्होंने अपना मुकाम बनाया।”
“शोले से लेकर चुपके-चुपके तक—उनकी हर भूमिका उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।” “देशभक्ति से जुड़ी उनकी फ़िल्में मैं अक्सर देखता रहा हूँ… फ़िल्म ‘आँखें’ तो मैंने कई बार देखी है। उसमें भी लगा कि यह केवल अभिनय नहीं, सच्चे देशभक्त की भावना है।” उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि धर्मेंद्र जी किसान के बेटे थे और देश से अत्यधिक प्रेम करते थे। 90 वर्ष की आयु में उनका जाना परिवार, फिल्म जगत और देशभर के करोड़ों प्रशंसकों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
अमित शाह ने अपने संबोधन का समापन इन शब्दों के साथ किया “जब उनके प्रशंसक उनकी फिल्में देखेंगे, वे अपने प्रिय कलाकार को हमेशा महसूस करेंगे। ईश्वर उनकी महान आत्मा को शांति दे। वंदे मातरम्!




