दूषित पानी से मौतें, बीमारियों का कहर: इंदौर संकट पर पीएम की चुप्पी को लेकर राहुल का तंज

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इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर गंभीर स्वास्थ्य संकट सामने आया है। शहर के कुछ इलाकों में नलों के माध्यम से ऐसा पानी सप्लाई किया गया, जिसमें गंदगी और बैक्टीरिया पाए गए। इस पानी के सेवन से सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए, जबकि कई लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है। पीड़ितों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते आपूर्ति बंद नहीं की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ती चली गई।

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दूषित पानी की घटना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर में लोगों को पानी नहीं, बल्कि जहर बांटा गया और प्रशासन की लापरवाही ने लोगों की जान ले ली। राहुल गांधी ने इसे सरकार की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि साफ पानी कोई सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का मूल अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करने में सरकार नाकाम रही है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गरीब और आम लोगों की जान जाती है, तब प्रधानमंत्री अक्सर खामोश रहते हैं। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” की जवाबदेही तय करने की मांग की और पूछा कि आखिर कैसे सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया और समय रहते इसकी जांच क्यों नहीं की गई। उन्होंने दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दूषित पानी की सप्लाई रोक दी गई है और प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और बीमार लोगों का इलाज सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि, बढ़ती मौतों और बीमारियों के बीच यह मामला अब प्रशासनिक चूक और राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।

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