संविधान की ताकत पर सीएम योगी का भरोसा, गणतंत्र दिवस पर दिया एकता का संदेश

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लखनऊ, 26 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और संविधान के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का उत्सव है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे संविधान ने समय के साथ कई उतार-चढ़ाव और चुनौतियां देखी हैं, लेकिन इसके बावजूद यह देश को एकजुट रखने वाला सबसे मजबूत आधार बना हुआ है। उन्होंने संविधान को न्याय, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए कहा कि यही मूल्य भारतीय लोकतंत्र की आत्मा हैं और इन्हीं के बल पर देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि गणतंत्र दिवस हर नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि संविधान केवल शासन का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारियों को भी परिभाषित करता है। जब तक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन नहीं करेंगे, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान के कारण ही आज भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में खड़ा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संविधान के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी भवनों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देशभक्ति गीतों और झांकियों के माध्यम से संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया, जिसने पूरे प्रदेश को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।

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