भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस समझौते पर अमेरिका ने खुलकर नाराजगी जताई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इसे “बेहद निराशाजनक” बताया है। उनका कहना है कि भारत-EU समझौता पश्चिमी देशों की साझा व्यापार और भू-राजनीतिक रणनीति के विपरीत है और इससे अमेरिका के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है।
अमेरिका की आपत्ति का एक बड़ा कारण ऊर्जा व्यापार से जुड़ा है। बेसेंट ने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश रूस से कच्चा तेल खरीदने के बजाय भारत से रिफाइंड तेल आयात कर रहे हैं, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से रूस को लाभ पहुंच रहा है। अमेरिका का मानना है कि भारत-EU FTA के बाद यह प्रवृत्ति और बढ़ सकती है, जो यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की भावना के खिलाफ है। इसी वजह से अमेरिका ने इस समझौते पर कड़ा रुख अपनाया है।
वहीं भारत और यूरोपीय संघ के लिए यह FTA आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। लगभग दो दशकों की लंबी बातचीत के बाद हुए इस समझौते के तहत दोनों पक्षों के बीच करीब 96 प्रतिशत व्यापारिक वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाने या खत्म करने पर सहमति बनी है। इससे भारत के टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, कृषि उत्पाद और आईटी सेवाओं को यूरोपीय बाजार में बड़ी पहुंच मिलने की उम्मीद है, जबकि यूरोपीय कंपनियों को भी भारतीय बाजार में निवेश और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।
भारत में उद्योग जगत ने इस समझौते का स्वागत किया है। व्यापार संगठनों का मानना है कि इससे निर्यात बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका मजबूत होगी। खासतौर पर वे उद्योग जो अमेरिकी टैरिफ और सख्त व्यापार नीतियों से प्रभावित थे, उन्हें यूरोप के रूप में एक मजबूत वैकल्पिक बाजार मिलेगा।
हालांकि, कुछ सामाजिक और स्वास्थ्य संगठनों ने इस FTA को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि समझौते के प्रावधानों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि दवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभावों पर व्यापक चर्चा हो सके। इसके बावजूद, कुल मिलाकर भारत-EU FTA को भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से फायदेमंद कदम माना जा रहा है, जबकि अमेरिका की नाराजगी ने इसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना दिया है।




