नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट 2026–27 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने इस बजट को देशहित में बताया और कहा कि यह “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने का रोडमैप है। प्रधानमंत्री ने इसे सुधारों को गति देने वाला और भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाई देने वाला बजट करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का फोकस अब केवल सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बने रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने बताया कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। पीएम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवीं बार बजट पेश करने के लिए बधाई देते हुए इसे नारी शक्ति का भी प्रतीक बताया।
बजट 2026 में सरकार ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाते हुए रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य सड़कों, रेलवे, जलमार्गों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना है। बजट में नए फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की घोषणा की गई है, जिससे व्यापार और उद्योग को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
निर्माण और उत्पादन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बजट में बायो-फार्मा शक्ति मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाओं की घोषणा की गई है। इन पहलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है। MSME सेक्टर के लिए भी विशेष सहायता और वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए बजट में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित योजनाओं को शामिल किया गया है। किसानों को बेहतर सलाह, जोखिम प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने में मदद के लिए नई डिजिटल पहल की गई है। वहीं शिक्षा क्षेत्र में नए संस्थानों, छात्रावासों और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है, जिससे युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में सुधारों के तहत एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है, जो बैंकों की संरचना और कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी। इसके अलावा वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और NBFC सेक्टर के लिए स्पष्ट रोडमैप देने की बात भी बजट में कही गई है। आम जनता को राहत देने के लिए आयकर ढांचे को सरल बनाने और जरूरी दवाओं पर टैक्स में छूट का प्रावधान किया गया है, हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2026 को देश की आर्थिक प्रगति, सामाजिक संतुलन और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, समावेशी और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।




