यूक्रेन से लेकर ईरान तक बढ़ते तनाव पर बोले पीएम मोदी—संवाद ही एकमात्र समाधान

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वैश्विक स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान युद्ध नहीं हो सकता। उन्होंने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्षों, विशेष रूप से Russia–Ukraine War और पश्चिम एशिया में Iran से जुड़े बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना था कि सैन्य संघर्ष केवल अस्थायी दबाव बना सकता है, लेकिन स्थायी शांति केवल बातचीत और समझौते से ही संभव है।

एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और ऐसे समय में वैश्विक समुदाय को युद्ध के बजाय शांति और सहयोग के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी देश के बीच मतभेद हों तो उन्हें बातचीत, अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, युद्ध की स्थिति न केवल संबंधित देशों बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, व्यापार और मानवीय स्थिति को प्रभावित करती है।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा है। United States और Israel से जुड़े सैन्य घटनाक्रमों के बाद क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और कई देशों ने शांति बनाए रखने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार यह चिंता जताई जा रही है कि अगर संघर्ष बढ़ा तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

भारत सरकार ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंता व्यक्त की है। सरकार का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती है, बल्कि वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसी वजह से भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क में है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत की विदेश नीति हमेशा से शांति, स्थिरता और संवाद को प्राथमिकता देने वाली रही है। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी यही संदेश देता रहा है कि संघर्षों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका बातचीत और कूटनीति है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की यह अपील शांति और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है।

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