पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के एक बेहद महत्वपूर्ण रक्षा तंत्र को निशाना बनाकर बड़ा जवाबी हमला किया है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे के पास तैनात अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिससे यह सिस्टम गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। यह रडार करीब 5000 किलोमीटर की दूरी तक आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने में सक्षम था और क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा तंत्र की प्रमुख कड़ी माना जाता था। इसी वजह से इसे अमेरिका की “आंख” कहा जाता है, क्योंकि यह दुश्मन की मिसाइल गतिविधियों पर दूर से नजर रखने का काम करता था।
बताया जा रहा है कि यह हाई-टेक रडार कतर के अल-उदीद एयर बेस के पास तैनात था, जो मध्य-पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है। इस उन्नत रडार सिस्टम की कीमत लगभग 1.1 अरब डॉलर बताई जाती है और यह अमेरिका के वैश्विक मिसाइल चेतावनी नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इसकी मदद से दुश्मन की मिसाइल लॉन्च होते ही उसकी दिशा, गति और संभावित लक्ष्य की जानकारी मिल जाती है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगी देश अपने मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर सकते हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस हमले को अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बताया है। रिपोर्टों के अनुसार हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रडार के क्षतिग्रस्त होने से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की निगरानी क्षमता पर असर पड़ सकता है और मिसाइल हमलों की शुरुआती चेतावनी देने वाला एक महत्वपूर्ण सुरक्षा तंत्र कमजोर हो सकता है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा ईरान के ठिकानों पर हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका भी जताई जा रही है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।




