देशभर में रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है, जबकि वाणिज्यिक यानी कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 115 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद देश के कई शहरों में गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई हैं। इस फैसले का असर सीधे आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ने वाला है।
नई दरों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में बढ़कर करीब 913 रुपये हो गई है। इसी तरह मुंबई में इसकी कीमत लगभग 912.50 रुपये, कोलकाता में करीब 930 रुपये और चेन्नई में लगभग 928.50 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गई है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि के बाद दिल्ली में इसकी कीमत करीब 1883 रुपये तक पहुंच गई है।
गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर गैस की कीमतों पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से भारत में भी ईंधन के दामों पर दबाव बना हुआ है, जिसके कारण समय-समय पर कीमतों में संशोधन किया जाता है।
इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों पर भी पड़ेगा, क्योंकि कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से खाने-पीने की चीजों की लागत बढ़ सकती है। इससे आने वाले समय में आम लोगों के लिए महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार की स्थिति और लागत के आधार पर गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया जाता है।




