पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया दौरे को लेकर प्रोटोकॉल उल्लंघन का विवाद सामने आया है, जिस पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भेजकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। राष्ट्रपति मुर्मू उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। बताया गया कि उनके आगमन के दौरान प्रोटोकॉल के अनुसार राज्य सरकार के शीर्ष प्रतिनिधियों की मौजूदगी नहीं थी और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठे।
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल को अंतिम समय में बदलने और स्वागत से जुड़ी औपचारिकताओं को लेकर भी नाराजगी जताई। सामान्यतः राष्ट्रपति के किसी राज्य दौरे के दौरान मुख्यमंत्री या वरिष्ठ मंत्री उनके स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में ऐसा नहीं होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा है।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद की गरिमा का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सभी जरूरी व्यवस्थाएं की थीं और किसी तरह की अनदेखी नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। फिलहाल केंद्र सरकार ने पूरे मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है, जिससे यह विवाद और गहरा सकता है।




