PM मोदी ने ज्योतिराव फुले को किया नमन, बोले- उनके विचार आज भी प्रासंगिक

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महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर आज पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर द्रौपदी मुर्मू, नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। राजधानी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रमों में नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर समाज सुधार के उनके ऐतिहासिक कार्यों को सम्मान दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में ज्योतिराव फुले को एक दूरदर्शी समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समानता, सामाजिक न्याय और शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित किया। उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जिस तरह संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनके विचार आज के भारत के लिए मार्गदर्शक हैं और समाज को सही दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित कई अन्य नेताओं—जैसे ओम बिरला और राहुल गांधी—ने भी ज्योतिराव फुले के योगदान को याद किया। नेताओं ने कहा कि उन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाकर समाज में समानता की नींव रखने का ऐतिहासिक कार्य किया।

11 अप्रैल 1827 को जन्मे ज्योतिराव फुले भारत के प्रमुख समाज सुधारकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक पहल की और देश में बालिकाओं के लिए पहला स्कूल शुरू किया। इसके अलावा उन्होंने “सत्यशोधक समाज” की स्थापना कर सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया।

उनकी 200वीं जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य उनके विचारों—शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय—को जन-जन तक पहुंचाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में भी उनके सिद्धांत उतने ही प्रासंगिक हैं और एक समतामूलक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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