लखीमपुर खीरी में आयोजित जनसभा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुशासन और विकास को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि “सच्चा शासन वही होता है, जहां प्रजा सुखी और संतुष्ट रहे,” और इसी सिद्धांत पर उनकी सरकार काम कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासनकाल में गरीबों और वंचितों के अधिकारों का हनन हुआ तथा योजनाओं का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच पाता था, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान जिले को लगभग 1311 करोड़ रुपये की 538 विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास शामिल है। इन योजनाओं का उद्देश्य लखीमपुर खीरी के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, आवास, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने थारू जनजाति और अन्य जरूरतमंद परिवारों को भूमि स्वामित्व के अधिकार पत्र भी वितरित किए, साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को घरों की चाबियां सौंपीं और विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की।
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था में सुधार को भी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि प्रदेश में अब सुरक्षा और विकास का माहौल बना है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले गरीबों के हक पर “डाका” डाला जाता था, लेकिन अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। चुनावी माहौल के बीच हुए इस दौरे को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सरकार विकास और सुशासन के मुद्दों को केंद्र में रखकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।




