अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump का एक कड़ा और चर्चा में आया बयान सामने आया है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही संभावित वार्ता को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा कि इसके परिणाम से अमेरिका को कोई खास फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनके अनुसार अमेरिका पहले ही इस संघर्ष में बढ़त हासिल कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों ने ईरान की रक्षा क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है और रणनीतिक रूप से अमेरिका मजबूत स्थिति में है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिकी गतिविधियां जारी हैं, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बल इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो।
इसी बीच ट्रंप ने China को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह ईरान को सैन्य सहायता या हथियार उपलब्ध कराता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ऐसे किसी भी कदम को अपनी सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के खिलाफ मानेगा और उसके अनुसार जवाब देगा।
कुल मिलाकर, ट्रंप के इस बयान से यह साफ होता है कि अमेरिका खुद को इस पूरे घटनाक्रम में मजबूत स्थिति में देख रहा है, लेकिन साथ ही यह विवाद अब बहुपक्षीय रूप लेता जा रहा है, जिसमें चीन जैसे बड़े देश भी शामिल हो सकते हैं। इससे वैश्विक स्तर पर तनाव और अनिश्चितता बढ़ने की आशंका बनी हुई है।




