भारत की सीमाएं होंगी अभेद्य, गृह मंत्री ने शुरू किया ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने देश की सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना की घोषणा करते हुए घुसपैठ के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता नीति अपनाने का ऐलान किया है। नई दिल्ली में आयोजित बीएसएफ इन्वेस्टिचर समारोह 2026 में उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगले एक वर्ष के भीतर आधुनिक तकनीक आधारित सीमा सुरक्षा ढांचा तैयार करेगी, जिससे अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। गृह मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर भेजने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अमित शाह ने कहा कि ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना के तहत सीमा सुरक्षा बल (BSF) को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा। इसमें ड्रोन निगरानी प्रणाली, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, रडार, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि भारत की हजारों किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अभेद्य सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा, ताकि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। शाह ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पारंपरिक फेंसिंग संभव नहीं है, वहां स्मार्ट निगरानी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

गृह मंत्री ने सीमावर्ती राज्यों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ को राज्य पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय खुफिया एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर काम करना होगा। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे सीमावर्ती राज्यों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि जल्द ही इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर सीमा सुरक्षा को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सामूहिक दायित्व है।

अपने संबोधन में अमित शाह ने बीएसएफ जवानों के साहस और समर्पण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1965 में सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुई यह फोर्स आज दुनिया की सबसे बड़ी और सक्षम सीमा सुरक्षा बलों में शामिल हो चुकी है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बीएसएफ को दुनिया की सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त सीमा सुरक्षा फोर्स बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना भारत की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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