अखिलेश यादव को लेकर केशव मौर्य का बड़ा बयान, बोले- 2047 तक सत्ता से दूर रहेगी सपा

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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अमेठी दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सत्ता में वापसी के ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ नहीं देखने चाहिए। मौर्य ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार जल्द बनने वाली नहीं है और 2047 तक प्रदेश में सपा की सत्ता में वापसी नहीं होगी।

केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अमेठी पहुंचने पर मौर्य ने भाजपा के स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। भाजपा की ओर से 2027 के चुनाव को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सरकार के कामकाज को जनता के बीच ले जाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मौर्य ने समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी की संभावनाओं को खारिज करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल और उनके नेता सत्ता में आने के सपने देख रहे हैं, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में ये सपने पूरे नहीं होने वाले हैं। ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ वाला उनका तंज सीधे तौर पर अखिलेश यादव की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर निशाना माना जा रहा है। मौर्य इससे पहले भी कई मौकों पर यह दावा कर चुके हैं कि अखिलेश यादव निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।

मौर्य ने अपने बयान में 2047 तक उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने का दावा किया। उन्होंने कांग्रेस को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि आने वाले लंबे समय तक विपक्षी दलों के लिए सत्ता में वापसी करना आसान नहीं होगा। भाजपा नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ दल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर अपनी राजनीतिक और विकास संबंधी योजनाओं को जनता के सामने रख रहा है। हालांकि, मौर्य का 2047 तक सत्ता में वापसी न होने का दावा एक राजनीतिक बयान है और इसका वास्तविक आकलन भविष्य के चुनावी जनादेश के बाद ही किया जा सकेगा।

केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी की ‘पीडीए’ राजनीति पर भी सवाल उठाए। पीडीए के जरिए अखिलेश यादव पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को राजनीतिक रूप से एकजुट करने की रणनीति पर जोर देते रहे हैं। भाजपा लगातार सपा की इस रणनीति को चुनौती देती रही है। मौर्य का आरोप है कि समाजवादी पार्टी लंबे समय तक परिवार-केंद्रित राजनीति करती रही और अब चुनावी फायदे के लिए सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है। हालांकि सपा इन आरोपों को खारिज करती रही है और भाजपा सरकार की नीतियों तथा कामकाज पर सवाल उठाती रही है।

भाजपा नेता ने समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल को लेकर भी निशाना साधा। मौर्य और भाजपा के अन्य नेता अक्सर सपा सरकार के समय की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते रहे हैं। भाजपा का आरोप रहा है कि पिछली सरकार के दौरान अपराध और माफिया गतिविधियों को राजनीतिक संरक्षण मिला, जबकि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार हमला करती रही है।

केशव प्रसाद मौर्य के अमेठी दौरे में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल रहे। उन्होंने जायस स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी में तीन छात्रावासों का उद्घाटन किया। इन छात्रावासों के नाम एसएससी बोस, होमी भाभा और विद्यासागर हॉस्टल बताए गए हैं। इन सुविधाओं से संस्थान के बड़ी संख्या में छात्रों को आवासीय सुविधा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन के बाद मौर्य ने संस्थान की व्यवस्थाओं और छात्रों से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी भी ली।

अमेठी दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ने जिले के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली तथा अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़े लाभार्थियों से भी मुलाकात की गई। रिपोर्टों के अनुसार, जिले के 14 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान लाभार्थियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। भाजपा सरकार की ओर से ऐसे कार्यक्रमों को जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की अपनी नीति के उदाहरण के रूप में पेश किया जाता रहा है।

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भले ही अभी समय दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच चुनावी तैयारी और बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो चुका है। भाजपा जहां योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। आने वाले महीनों में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और सपा के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। आखिरकार सत्ता का फैसला चुनाव में जनता के वोट से ही होगा।

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