भारत के शौर्य का कायल हुआ ईरान, समुद्री डकैतों से 20 नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर जताया आभार

SHARE:

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी बहादुरी, सैन्य क्षमता और मानवीय प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए अरब सागर में बड़ा बचाव अभियान चलाया। नौसेना ने सोमालियाई समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसे ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) को मुक्त कराते हुए उस पर सवार सभी 20 ईरानी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया। इस सफल अभियान के बाद ईरान ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया और भारतीय नौसेना तथा वायुसेना के साहस और पेशेवर क्षमता की जमकर सराहना की।

जानकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी को अपने कब्जे में ले लिया था। जहाज के अपहरण की सूचना मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। नौसेना ने समुद्री क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए जहाज की स्थिति का पता लगाने के लिए अपने युद्धपोत और समुद्री निगरानी विमान की मदद ली। लगातार निगरानी के जरिए जहाज की गतिविधियों और उसकी स्थिति पर नजर रखी गई। इसके बाद भारतीय सैन्य बलों ने योजनाबद्ध तरीके से बचाव अभियान शुरू किया, जो करीब 48 घंटे तक चला।

इस ऑपरेशन की सबसे खास बात भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल रहा। अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना के C-17 परिवहन विमान की सहायता से मरीन कमांडो को संबंधित समुद्री क्षेत्र में पहुंचाया गया। विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो ने जहाज पर पहुंचकर समुद्री लुटेरों का मुकाबला किया और उसे उनके कब्जे से मुक्त करा लिया। इस कार्रवाई के बाद जहाज पर मौजूद सभी 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं मिली।

भारतीय नौसेना की इस कार्रवाई को केवल बचाव अभियान के रूप में ही नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आशंका जताई गई थी कि समुद्री लुटेरे अजिनी जहाज का इस्तेमाल मदर शिप के रूप में कर सकते थे। मदर शिप ऐसे जहाज को कहा जाता है, जिसका उपयोग छोटे हमलावर जहाजों को संचालित करने और दूसरे व्यावसायिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया जाता है। ऐसे में भारतीय नौसेना की समय पर की गई कार्रवाई से संभावित समुद्री हमलों को रोकने में भी मदद मिली।

इस सफल अभियान के बाद ईरान ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी कर भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना का धन्यवाद किया। दूतावास ने कहा कि समुद्री लुटेरों के कब्जे से 20 ईरानी नागरिकों को सुरक्षित बचाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने सराहनीय काम किया है। ईरान ने भारतीय सैन्यकर्मियों के साहस, पेशेवर रवैये और आपसी समन्वय की प्रशंसा करते हुए इस अभियान को मानवीय सहयोग और मित्रता का उदाहरण बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारतीय नौसेना और वायुसेना के इस सफल अभियान की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारतीय नौसेना ने 2 नवंबर को मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में करीब 48 घंटे तक चले सुनियोजित अभियान के जरिए अजिनी जहाज के सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया। उन्होंने कहा कि हथियारबंद समुद्री लुटेरों के कब्जे से जहाज और उसके चालक दल को मुक्त कराना भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन क्षमता और तत्परता को दर्शाता है। रक्षा मंत्री ने अभियान में भारतीय वायुसेना के सहयोग की भी प्रशंसा की।

दरअसल, सोमालिया के आसपास और अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती की घटनाएं लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इस क्षेत्र से दुनिया के कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्ग गुजरते हैं। यहां जहाजों पर हमले होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, माल की आपूर्ति और समुद्री परिवहन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में भारतीय नौसेना की सक्रियता क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्री लुटेरों की गतिविधियों पर नजर रखने और संकट में फंसे नाविकों की सहायता करने के लिए अभियान चलाता रहा है। ईरानी जहाज अजिनी को मुक्त कराने की कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखाया है कि भारतीय नौसेना जरूरत पड़ने पर अपनी समुद्री सीमाओं से दूर भी प्रभावी अभियान चलाने में सक्षम है। इस ऑपरेशन में नौसेना, वायुसेना और मरीन कमांडो के बीच दिखाई दिया तालमेल भारत की सैन्य तैयारियों और हिंद महासागर में उसकी बढ़ती रणनीतिक भूमिका को भी रेखांकित करता है।

Leave a Comment