हमास की प्रतिक्रिया का इंतजार: ट्रंप ने इजरायल के साथ साझा किया गाजा समाधान का प्रस्ताव

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संकट के समाधान के लिए एक नया शांति प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव के तहत इस्राइल ने गाजा से अपनी सेना की वापसी के लिए एक प्रारंभिक ‘वापसी रेखा’ पर सहमति जताई है। ट्रंप ने कहा कि यदि हमास इस समझौते की पुष्टि करता है, तो तत्काल संघर्षविराम लागू होगा और इजरायली बंधकों की रिहाई शुरू हो जाएगी।

प्रस्ताव के मुख्य बिंदुओं में इस्राइल द्वारा गाजा से सैनिकों की आंशिक वापसी, बंधकों की रिहाई और अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती शामिल हैं। इसके तहत हमास ने 47 इजरायली बंधकों की रिहाई का वादा किया है, जिसके बदले में 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई और मानवीय सहायता की आपूर्ति की जाएगी। हालांकि, हमास ने गाजा के प्रशासन में बाहरी निगरानी स्वीकार करने या पूर्ण निरस्त्रीकरण पर अभी सहमति नहीं दी है। इसके अलावा, ट्रंप के प्रस्ताव में गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती का प्रावधान है, जिसका नेतृत्व पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर करेंगे।

हमास ने ट्रंप के प्रस्ताव के कुछ हिस्सों को स्वीकार किया है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर और चर्चा की आवश्यकता जताई है। हमास ने गाजा से इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी और फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना की मांग की है। ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समझौते पर सहमति नहीं बनती, तो इजरायल को सैन्य कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देशों ने हमास की प्रतिक्रिया को प्रभावित करने में भूमिका निभाई है। इन देशों ने ट्रंप के प्रस्ताव का स्वागत किया है, लेकिन गाजा से इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी और फिलिस्तीनी संप्रभुता के मुद्दे पर स्पष्टता की आवश्यकता जताई है।

ट्रंप का यह शांति प्रस्ताव गाजा संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, हमास की सहमति और इजरायल की सैन्य गतिविधियों में कमी की आवश्यकता है। यदि हमास इस प्रस्ताव पर सहमति जताता है, तो यह क्षेत्रीय शांति की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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