नई दिल्ली / गाजियाबाद, 8 अक्टूबर 2025 — भारतीय वायुसेना ने आज अपना 93वां स्थापना दिवस पूरे सम्मान और गर्व के साथ मनाया। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली और गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस में भव्य समारोहों का आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम से हुई, जहां चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। तीनों सेनाओं के प्रमुखों और CDS की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सभी अधिकारी हिंडन एयरबेस पहुंचे, जहां वायुसेना दिवस का मुख्य समारोह आयोजित हुआ। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने परेड का निरीक्षण किया और वायुसैनिकों को सलामी दी। इस मौके पर उन्होंने वायुसेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना आज हर मोर्चे पर सशक्त और तकनीकी रूप से उन्नत है। उन्होंने वायुसैनिकों को आधुनिक तकनीक, अनुशासन और समर्पण के साथ देश की रक्षा में हमेशा तत्पर रहने का आह्वान किया।
इस वर्ष वायुसेना दिवस का आयोजन कुछ अलग रहा। हिंडन एयरबेस पर परेड और कार्यक्रम तो आयोजित हुआ, लेकिन पारंपरिक फ्लाई पास्ट (हवाई करतब प्रदर्शन) इस बार नहीं हुआ। सुरक्षा कारणों, बढ़ते हवाई यातायात और बर्ड-हिट की आशंका को देखते हुए फ्लाई पास्ट को 9 नवंबर को गुवाहाटी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इससे न केवल पूर्वोत्तर भारत की सामरिक अहमियत को रेखांकित किया गया, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में वायुसेना की उपस्थिति का संदेश भी दिया गया।
हिंडन एयरबेस पर प्रदर्शनी में पुराने और आधुनिक विमानों का शानदार प्रदर्शन किया गया। हाल ही में सेवा से हटे मिग-21 लड़ाकू विमान को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जबकि राफेल, सुखोई-30, तेजस और C-130J सुपर हरक्यूलिस जैसे अत्याधुनिक विमानों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने भी वायुसेना के प्रति सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर कहा, “वायुसेना दिवस पर सभी वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई। भारतीय वायुसेना ने हमारे आकाश की रक्षा करते हुए देश सेवा में अहम योगदान दिया है।” वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, “भारतीय वायुसेना वीरता, अनुशासन और सटीकता की मिसाल है। कठिन परिस्थितियों में भी यह देश की रक्षा और जनता की सेवा में सदैव तत्पर रहती है।”
8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायुसेना आज विश्व की सबसे सक्षम और आधुनिक वायु सेनाओं में गिनी जाती है। इसकी भूमिका केवल युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा राहत, मानवीय सहायता और सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में भी यह अग्रणी भूमिका निभाती है। इस वर्ष का वायुसेना दिवस समारोह “Power Beyond Boundaries” की थीम पर आधारित है, जो वायुसेना की बढ़ती वैश्विक पहुंच और आधुनिक क्षमताओं को दर्शाता है।
भारतीय वायुसेना का यह 93वां स्थापना दिवस देश के गौरव, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक बनकर इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया है।




