कैनबरा में गूंजा भारत का नाम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का शानदार स्वागत, नई रक्षा साझेदारी पर हुई चर्चा

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज अपने आधिकारिक दौरे पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जहाँ उनका स्वागत बेहद भव्य और गरिमामय तरीके से किया गया। रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) के विमान से उतरते ही कैनबरा एयरबेस पर उनका स्वागत ऑस्ट्रेलियाई सैन्य अधिकारियों और राजनयिकों ने किया। इस मौके पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे रक्षा संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

राजनाथ सिंह के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई दिशा देने की उम्मीदें और भी प्रबल हो गई हैं। उनके सम्मान में संसद भवन में पारंपरिक ‘Welcome to Country’ समारोह आयोजित किया गया, जो ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक परंपरा है और यह आगंतुकों के प्रति सम्मान और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है। इस दौरान राजनाथ सिंह का स्वागत ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व से कई अहम मुद्दों पर वार्ता की। बैठक में रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, स्थिरता और खुली नौवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना दोनों की साझा जिम्मेदारी है। ऑस्ट्रेलिया ने भारत की “मेक इन इंडिया” रक्षा निर्माण नीति में सहयोग देने की इच्छा भी जताई।

इस दौरे की एक खास झलक तब देखने को मिली जब राजनाथ सिंह ने रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के KC-30A मल्टी-रोल टैंकर विमान में सफर करते हुए F-35 फाइटर जेट के एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग अभ्यास को प्रत्यक्ष रूप से देखा। यह दृश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ते व्यावहारिक सहयोग का सजीव उदाहरण रहा।

सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस दौरे के दौरान कई रक्षा समझौतों और सहयोग कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई है। इनमें नौवहन सुरक्षा, रक्षा सूचना साझेदारी और संयुक्त सैन्य अभ्यासों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा तकनीकी साझेदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सैन्य आदान-प्रदान को और विस्तार देने की संभावना जताई जा रही है।

राजनाथ सिंह का यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकात भर नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक रक्षा रणनीति में एक अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंध अब सिर्फ मित्रता के दायरे में नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंच चुके हैं। रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के विमान से उतरते हुए राजनाथ सिंह का स्वागत दृश्य इस नई रक्षा भागीदारी और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का सशक्त प्रतीक बन गया।

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