इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिसके कारण देशभर के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। पिछले कुछ दिनों में हजारों उड़ानें रद्द और देरी का शिकार हुईं, जिससे यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम और व्यावसायिक योजनाएँ बुरी तरह प्रभावित हुईं। इसी बीच केंद्र सरकार ने इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है। विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इंडिगो के भीतर चालक दल के प्रबंधन में गंभीर खामियों के कारण यह संकट उत्पन्न हुआ और जिन लोगों की लापरवाही साबित होगी उन्हें इसकी “कीमत चुकानी होगी।” मंत्री ने आगे कहा कि 1 नवंबर से लागू हुए नए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों के अनुरूप अन्य एयरलाइनों ने अपने संचालन को समायोजित कर लिया, लेकिन इंडिगो की क्रू रॉस्टरिंग और योजना में पाई गई कमजोरियों ने पूरे नेटवर्क को बाधित कर दिया।
सरकार द्वारा संचालन सामान्य करने के लिए कुछ अस्थायी छूट दी गईं, ताकि इंडिगो अपनी उड़ानों को दोबारा पटरी पर ला सके। एयरलाइन ने भी दावा किया है कि वह अपने परिचालन को जल्द सामान्य करने की दिशा में काम कर रही है और उसने DGCA से फरवरी 10, 2026 तक राहत अवधि की मांग की है, ताकि वह अपनी क्रू योजना को नए नियमों के अनुरूप व्यवस्थित कर सके। इस संकट के बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए रिफंड, पुनर्निर्धारण और स्वचालित मुआवज़ा प्रक्रिया की घोषणा की है। वहीं DGCA तथा विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन की परिचालन प्रक्रियाओं, क्रू मैनेजमेंट और FDTL अनुपालन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, बीते दिनों में 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द होने की वजह से हवाई अड्डों पर लगातार अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। यात्रियों को लंबी कतारों, घंटों इंतजार और कनेक्टिंग उड़ानों के बिगड़ते शेड्यूल का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों के बैगेज और ट्रांसफर संबंधी मुद्दे भी सामने आए। इस पर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिम्मेदार व्यक्तियों और प्रक्रियात्मक कमियों पर कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर चेक करें और राहत/रिफंड संबंधी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें।
इंडिगो संकट ने भारतीय विमानन उद्योग में परिचालन योजना, क्रू मैनेजमेंट और नियमों के अनुपालन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्रालय और रेगुलेटर इस पूरी घटना की गहन समीक्षा कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे व्यापक व्यवधान से बचा जा सके। सरकार ने संकेत दिया है कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा और एयरलाइन संचालन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जबकि इंडिगो ने संचालन सामान्य करने के लिए अपना रोडमैप तैयार करने का आश्वासन दिया है।




