UN में ईरान का बड़ा खुलासा: हमलों में सैकड़ों नागरिकों की मौत का दावा

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका और इज़राइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का दावा है कि दोनों देशों द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में आम लोगों की जान जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि हाल के दिनों में ईरान के कई शहरों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर बमबारी की गई है, जिसके कारण मानवीय संकट गहराता जा रहा है।

ईरान के अनुसार इन हमलों में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी अधिक बताई जा रही है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हमलों के दौरान कई आवासीय इमारतें, स्कूल, अस्पताल और अन्य नागरिक ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कई शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। ईरानी प्रतिनिधियों का कहना है कि नागरिक इलाकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका और इज़राइल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके हमले केवल ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल सिस्टम और रणनीतिक सुविधाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को सीमित करना है।

इस बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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