शिलांग: मेघालय उच्च न्यायालय ने गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) चुनाव से जुड़ी उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें उम्मीदवारों के लिए अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया था। अदालत ने कहा कि यह आदेश निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया था, इसलिए इसे वैध नहीं माना जा सकता। अदालत के इस फैसले के बाद गैर-आदिवासी उम्मीदवारों के लिए भी चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है।
दरअसल, GHADC की कार्यकारी समिति ने फरवरी 2026 में एक प्रस्ताव पारित कर परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के लिए ST प्रमाणपत्र अनिवार्य करने का निर्णय लिया था। इसके बाद परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई थी। इस नियम के लागू होने पर केवल अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकते थे, जबकि गैर-आदिवासी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा सकता था।
इस अधिसूचना को एक मतदाता ने मेघालय उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि यह फैसला Assam and Meghalaya Autonomous Districts (Constitution of District Councils) Rules, 1951 का उल्लंघन करता है, क्योंकि चुनाव से संबंधित नियमों में बदलाव के लिए निर्धारित विधायी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। याचिका में कहा गया कि इस तरह का संशोधन करने के लिए जिला परिषद की औपचारिक स्वीकृति और राज्यपाल की मंजूरी आवश्यक होती है, जो इस मामले में नहीं ली गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि कार्यकारी समिति केवल नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दे सकती है, लेकिन उसे लागू करने के लिए परिषद की मंजूरी और राज्यपाल की स्वीकृति जरूरी होती है। चूंकि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी, इसलिए अदालत ने GHADC की अधिसूचना को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया।
इस फैसले के बाद अब आगामी GHADC चुनाव में सभी पात्र उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि परिषद की स्थापना के बाद से कई गैर-आदिवासी नेता भी इन चुनावों में हिस्सा लेते रहे हैं और परिषद के सदस्य चुने जाते रहे हैं। अदालत के फैसले से चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर सुनिश्चित होने की बात कही जा रही है।
गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद के चुनाव अप्रैल 2026 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में अदालत के इस निर्णय को चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण कानूनी हस्तक्षेप माना जा रहा है, जिसने चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर पैदा हुए विवाद को समाप्त कर दिया है।




