ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री Tony Abbott ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की खुलकर सराहना करते हुए कहा है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद मोदी ने खुद को सत्ता के अहंकार से दूर रखा है। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेताओं में अहंकार आ जाता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कार्यशैली और व्यवहार से इस प्रवृत्ति से खुद को बचाए रखा है। एबॉट के अनुसार यही गुण उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है और वैश्विक मंच पर उनकी अलग पहचान स्थापित करता है।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के क्षेत्र में तेजी से उभरती हुई शक्ति के रूप में सामने आया है। एबॉट ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, आर्थिक क्षमता और युवाओं की ऊर्जा की भी प्रशंसा की और कहा कि भारत आने वाले समय में वैश्विक विकास और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस दौरान उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया। एबॉट ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी काफी मजबूत हुई है। रक्षा सहयोग, व्यापार, शिक्षा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाती है। भारत की सक्रिय विदेश नीति, आर्थिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ती भागीदारी के कारण कई देश भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का और मजबूत होना दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।




