भारत ने एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर एक बार फिर खिताब अपने नाम किया। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 146 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें कुलदीप यादव ने चार विकेट झटके और मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने शुरुआती झटकों के बावजूद संयम बनाए रखा और तिलक वर्मा की नाबाद 69 रनों की पारी की बदौलत जीत हासिल कर ली।
जीत के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीम इंडिया को बधाई देते हुए एक खास संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “#OperationSindoor on the games field. Outcome is the same — India wins!” यानी, “खेल के मैदान पर भी ऑपरेशन सिंदूर का नतीजा वही रहा — भारत की जीत।” पीएम की इस टिप्पणी ने मैच की जीत को हाल के सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जोड़ दिया, जिससे यह बयान राजनीतिक और रणनीतिक चर्चाओं का भी केंद्र बन गया।
फाइनल समारोह में एक दिलचस्प घटना भी देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तानी अधिकारी मोहसिन नकीवी से ट्रॉफी स्वीकार करने से परहेज़ करते दिखे और पुरस्कार-विधि को बेहद संक्षिप्त रखा गया। सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई इस मामले को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज करने की तैयारी में है। इससे खेल के साथ-साथ कूटनीतिक तनाव भी चर्चा में आ गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई शीर्ष नेताओं और क्रिकेट प्रेमियों ने टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया ने इस मैच को सिर्फ एक खेल उपलब्धि नहीं बल्कि राष्ट्रीय गौरव का क्षण बना दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संदर्भ आने से यह जीत खेल के मैदान से आगे निकलकर कूटनीतिक और राजनीतिक संदेश देने का प्रतीक भी बन गई।




