घाटी में एक बार फिर रौनक लौटने लगी है। पहलगाम हमले के बाद जिन पर्यटन स्थलों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था, वे अब पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में श्रीनगर राजभवन में यूनिफाइड कमान हेडक्वार्टर की बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद कुल 12 पर्यटन स्थलों को खोलने का फैसला लिया गया। इनमें कश्मीर के सात और जम्मू के पांच प्रमुख स्थल शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और आवश्यक इंतज़ाम पूरे होने के बाद ही यह कदम उठाया गया है।
कश्मीर में जिन सात स्थलों को खोला गया है, उनमें अरू वैली, यनेर राफ्टिंग प्वाइंट, आख़ड़ पार्क, पदशाही पार्क और कमान पोस्ट जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल शामिल हैं। ये स्थान न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए आय का साधन हैं, बल्कि हर साल बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी हैं। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इन स्थलों को एहतियातन बंद कर दिया गया था। उस हमले में कई पर्यटक और एक गाइड की मौत हो गई थी, जिसके बाद घाटी के लगभग 48 में से कई पर्यटन स्थलों पर रोक लगा दी गई थी।
अब जब सुरक्षा की स्थिति का समग्र मूल्यांकन कर लिया गया है, तब जाकर प्रशासन ने इन स्थलों को खोलने का निर्णय लिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो और निगरानी व खुफिया सहयोग को और मजबूत किया जाए। उन्होंने ‘Whole of Government’ अप्रोच अपनाने पर जोर दिया ताकि सुरक्षा इंतज़ामों में किसी तरह की ढिलाई न रहे।
पर्यटन स्थलों के खुलने से घाटी के होटल व्यवसायियों, गाइड्स, होमस्टे ऑपरेटरों और छोटे व्यापारियों में खुशी का माहौल है। हमले के बाद पर्यटन पर गंभीर असर पड़ा था और बड़ी संख्या में बुकिंग रद्द हो गई थी। अब उम्मीद है कि इस फैसले से न केवल पर्यटक घाटी की ओर लौटेंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी फिर से रफ्तार पकड़ेगी। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जिम्मेदारी से पर्यटन गतिविधियों में हिस्सा लें।
यह कदम घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने और पर्यटन क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि जम्मू-कश्मीर की छवि को भी देश और दुनिया के सामने सकारात्मक रूप में पेश करने में मदद मिलेगी।




