यूपी की बड़ी औद्योगिक पहल—8349 एकड़ भूमि पर विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र

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उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) की महायोजना-2045 को गति देने के लिए 8,349 एकड़ भूमि अधिग्रहण का बड़ा फैसला आगे बढ़ा दिया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में हुई प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया तय समय—अगले वर्ष मार्च—तक पूर्ण की जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि भूमि अधिग्रहण के लिए तैयार प्रस्ताव को जल्द ही शासन को भेजा जाएगा, जिसके बाद मंत्रिपरिषद् की मंजूरी मिलने पर पट्टा भूमि का क्रय और किसानों से सहमति/रजिस्ट्री की कार्यवाही तेज़ी से शुरू की जाएगी। प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़े सभी विभागों के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश भी प्राप्त किए, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत निस्तारित किया जा सके और प्रोजेक्ट में देरी न हो।

इस महायोजना के तहत क्षेत्र में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। आगरा–ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को झांसी/बीडा तक बढ़ाने का प्रस्ताव प्राथमिकता पर है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र देश के प्रमुख सड़क नेटवर्क से सीधा जुड़ सकेगा। इसी तरह रेलवे नेटवर्क में सुधार के लिए दिल्ली–चेन्नई चौथी लाइन और बीडा क्षेत्र में एक नए रेलवे स्टेशन के लिए एलाइनमेंट निर्धारण का काम भी प्रगति पर है। ये दोनों परियोजनाएँ निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेंगी और औद्योगिक गतिविधियों की गति बढ़ाएँगी।

बुनियादी सेवाओं के विकास को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए बाहरी राइजिंग मेन पम्प स्टेशन की जिम्मेदारी जल निगम को देने पर सहमति बनी है और इसके लिए एमओयू की प्रक्रिया भी जारी है। बिजली आपूर्ति प्रणाली के तहत 15 मेगावाट क्षमता की डीपीआर पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, जबकि अतिरिक्त 40 मेगावाट की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसी प्रकार प्रमुख 60 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क की डीपीआर भी प्राप्त हो चुकी है और शेष सड़कों की डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य इसी महीने के भीतर रखा गया है।

परियोजना के आगे बढ़ने के साथ प्राधिकरण ने औद्योगिक प्लॉट आवंटन की अनुमानित तारीख भी तय कर दी है। योजना के अनुसार, बीडा में निवेशकों को औद्योगिक भूखंडों का आवंटन 21 अप्रैल 2026 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण, बुनियादी संरचना, कनेक्टिविटी और उपयोगी सेवाओं की तैयारी को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बुंदेलखंड को एक उभरते हुए औद्योगिक एवं निवेश हब के रूप में विकसित करना है, ताकि क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हो सकें।

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