संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर झूठा नैरेटिव गढ़कर आतंकवाद को जायज़ ठहराने की कोशिश कर रहा है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि पाकिस्तान न केवल सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भ्रामक बयान देकर खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने का प्रयास भी कर रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह रवैया वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान का इतिहास आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने और उन्हें अपनी धरती से संचालित करने का रहा है, जबकि वह खुले तौर पर इस सच्चाई से इनकार करता रहा है। भारतीय पक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात करता है, लेकिन उसके दावे उसकी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे से मेल नहीं खाते। भारत ने पाकिस्तान की इस दोहरी नीति को “छल और धोखे का नाटक” करार दिया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ एक संतुलित, सीमित और आत्मरक्षा में की गई वैध प्रतिक्रिया थी। यह ऑपरेशन मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद किया गया था, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। भारत ने बताया कि इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, न कि किसी सैन्य या नागरिक ढांचे को।
भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा कि पाकिस्तान बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। भारत ने दोहराया कि उसका उद्देश्य केवल आतंकवादी नेटवर्क को निष्क्रिय करना था, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने यह भी साफ किया कि आतंकवाद किसी भी परिस्थिति में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे राजनीतिक भाषणों या कूटनीतिक बयानों के ज़रिये कितनी ही सफ़ाई क्यों न दी जाए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह आतंकवाद को लेकर दोहरे मानदंड न अपनाए और उन देशों को जवाबदेह ठहराए जो इसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन देते हैं।
अपने संदेश के अंत में भारत ने दो टूक कहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा। भारत के अनुसार, जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं या उसे सही ठहराने की कोशिश करते हैं, वे संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों का उल्लंघन करते हैं। संयुक्त राष्ट्र में दिया गया यह बयान भारत की उस स्पष्ट और सख्त विदेश नीति को दर्शाता है, जिसमें आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं है।




