मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि ईरान अपनी संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और देश की “एक इंच जमीन भी किसी को लेने नहीं देगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और यदि देश की सुरक्षा या क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती दी गई तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब Iran, United States और Israel के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और पूरे पश्चिम एशिया में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
ईरानी राष्ट्रपति ने हाल ही में पड़ोसी देशों पर हमले रोकने से जुड़े अपने बयान पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना था कि ईरान क्षेत्र में टकराव नहीं चाहता और पड़ोसी देशों के साथ स्थिर और सहयोगपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की सेना को निर्देश दिया गया है कि किसी भी पड़ोसी देश पर तब तक हमला न किया जाए जब तक उन देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई के लिए न किया जाए।
पेजेशकियन ने खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाए रखने की भी बात कही और कहा कि ईरान क्षेत्रीय स्थिरता का समर्थन करता है। उन्होंने पड़ोसी देशों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने वाली विदेशी सैन्य कार्रवाइयों के लिए न होने दें। उनका कहना था कि अगर किसी देश की जमीन से ईरान पर हमला किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार होगा।
इस बीच अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ बढ़ते तनाव के कारण पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है। हाल के दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने और मिसाइल व ड्रोन हमलों की खबरों के कारण सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ी हैं। ऐसे में ईरान के बयान को एक ओर जहां अमेरिका के खिलाफ सख्त चेतावनी माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे पड़ोसी देशों के साथ तनाव कम करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।




