नई दिल्ली: Civil Services Day के अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशभर के सिविल सेवकों को बधाई दी और राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित किया। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सिविल सेवक देश के प्रशासनिक तंत्र की रीढ़ हैं, जो नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण ही सिविल सेवाओं की असली पहचान है, और इन्हीं मूल्यों के जरिए देश को अधिक समावेशी और प्रगतिशील बनाया जा सकता है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आज के बदलते सामाजिक और तकनीकी परिवेश में सिविल सेवकों के सामने नई चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं। ऐसे में नवाचार, तकनीक के बेहतर उपयोग और संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से वे नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सिविल सेवक अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते हुए देश को विकास के नए आयामों तक ले जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर सिविल सेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवक सरकार की योजनाओं और नीतियों को अंतिम छोर तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, जिससे आम लोगों के जीवन में ठोस बदलाव आता है। प्रधानमंत्री ने “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र की दक्षता और जवाबदेही देश की प्रगति को गति देती है।
प्रधानमंत्री ने सिविल सेवकों से अपील की कि वे नवाचार, पारदर्शिता और करुणा के साथ काम करें, ताकि शासन को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल तकनीकों के उपयोग और सुशासन के सिद्धांतों को अपनाकर प्रशासनिक सेवाएं और अधिक सुलभ तथा पारदर्शी बन सकती हैं।
हर वर्ष 21 अप्रैल को मनाया जाने वाला सिविल सेवा दिवस 1947 में Sardar Vallabhbhai Patel के ऐतिहासिक संबोधन की याद में आयोजित किया जाता है, जिसमें उन्होंने सिविल सेवाओं को देश का “स्टील फ्रेम” बताया था। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें प्रशासनिक सुधार, सेवा वितरण की गुणवत्ता और नवाचार पर चर्चा होती है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है, ताकि सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता को प्रोत्साहन मिल सके।
सिविल सेवा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह देश के प्रशासनिक ढांचे को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो सिविल सेवकों को अपने दायित्वों के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है।



