संसद के बजट सत्र के दौरान पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर राज्यसभा में उस समय हंगामा हो गया जब विदेश मंत्री S. Jaishankar क्षेत्र की स्थिति पर सरकार का बयान दे रहे थे। उनके संबोधन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और इस मुद्दे पर केवल बयान देने के बजाय विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। लगातार विरोध और शोर-शराबे के कारण सदन का माहौल काफी गरमा गया और कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
हंगामे के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद J. P. Nadda ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री संसद को महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्थिति की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन विपक्ष रचनात्मक चर्चा के बजाय अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है। नड्डा ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका यह व्यवहार संसद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
नड्डा ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “वहीं बैठे रहोगे और घटते जाओगे।” उन्होंने कहा कि सरकार देशहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है, जबकि विपक्ष बार-बार हंगामा कर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा था। इस बीच विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अपने बयान में कहा कि भारत सरकार क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद तथा कूटनीति के जरिए विवाद का समाधान निकालने की अपील करता है। संसद में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी के कारण पूरे दिन माहौल काफी गर्म बना रहा।




