उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow को आज एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना की सौगात मिलने जा रही है। शहर में तैयार किए गए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण आज केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता इस परियोजना का उद्घाटन करने के साथ-साथ इसके आगामी चरणों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी करेंगे। प्रशासन के अनुसार यह परियोजना राजधानी की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का दूसरा चरण लगभग 299 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। करीब सात किलोमीटर लंबा यह मार्ग डालीगंज से निशातगंज होते हुए समतामूलक चौराहे तक फैला हुआ है। इस मार्ग के शुरू होने से राजधानी के कई व्यस्त इलाकों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से वाहन चालकों को बिना अधिक रुकावट के तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी, जिससे यात्रा का समय भी काफी कम होने की संभावना है।
इस परियोजना का उद्देश्य शहर के पुराने और नए हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार ग्रीन कॉरिडोर पूरी तरह विकसित होने के बाद आईआईएम रोड से गोमतीनगर और शहीद पथ तक की यात्रा पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। जहां वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग 45 से 60 मिनट लगते हैं, वहीं परियोजना पूरी होने के बाद यह समय घटकर लगभग 15 से 20 मिनट तक रह सकता है।
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। पहले चरण का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण का लोकार्पण आज किया जा रहा है। इसके साथ ही तीसरे और चौथे चरण के निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिन पर लगभग 1200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इन चरणों के पूरा होने के बाद आईआईएम रोड से शहीद पथ तक बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित हो सकेगी और राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
परियोजना को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए भी तैयार किया गया है। निर्माण के दौरान रास्ते में आने वाले कई पेड़ों को काटने के बजाय उनका ट्रांसप्लांट किया गया, ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे। इसके अलावा कॉरिडोर के किनारे हरियाली, आधुनिक स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना लखनऊ के शहरी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है और इससे शहर के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।




