दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं — राजधानी में परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक, सुलभ और समयबद्ध बनाने के लिए बस, ट्रेन, मेट्रो और अन्य Modalities को एक साथ जोड़ा जाएगा। दिल्ली सरकार ‘यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी’ (UMTA) की स्थापना कर रही है, जो जल्द ही विभिन्न यातायात विभागों को एक छत के नीचे लाने का काम करेगी।
UMTA की जिम्मेदारी होगी: योजनाओं का समन्वय, कार्यान्वयन, परियोजनाओं का ट्रैक रखना, और ट्रैफिक प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना ।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पहाड़गंज साइड पर मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) का निर्माण शुरू होगा, जहां से ट्रेनों, मेट्रो तथा बसों पर सहज बदलाव संभव होगा। UMTA, DMRC, DTC और अन्य प्राधिकरणों के बीच समन्वय बढ़ाते हुए, मेट्रो स्टेशनों से बस, ऑटो‑रिक्शा जैसी सेवाओं के लिए surveys करेंगे और एकीकृत योजना तैयार करेंगे। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) और QR‑कोड टिकटिंग सिस्टम के माध्यम से मेट्रो और बस सेवाओं पर एकल टिकटिंग की सुविधा और आसान होगी। हाल ही में 200 इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन किया गया, और साल 2025 के अंत तक कुल 2,280 नई ई‑बसें शहर में दौड़ेंगी, 1,000 पुरानी बसों को भी घटाया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली से आसपास के जिलों के लिए 100 इलेक्ट्रिक अन्तर‑राज्य बसों की शुरुआत की जाएगी, जिनकी रेंज 250–300 किलोमीटर होगी। UMTA का सैनिय आयोग बना लिया गया है, कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी की प्रतीक्षा है। रेलवे स्टेशन पुनर्विकास (MMTH) कार्य भी पहले चरण में शुरू हो गया है।
दिल्ली सरकार ने ट्रैफ़िक जाम और बढ़ती आवाजाही की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है। UMTA की स्थापना और इलेक्ट्रिक संसाधनों की शुरुआत सार्वजनिक परिवहन को एक नए, सुव्यवस्थित और ग्रीन मोड की ओर अग्रसर करेगी।




