रूस और भारत के व्यापारिक संबंधों में नई दिशा: पेस्कोव का बयान

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क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि मॉस्को और नई दिल्ली मिलकर काम कर रहे हैं ताकि भारत से निर्यात बढ़ाया जा सके। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में रूस और भारत के बीच व्यापार असंतुलित है, यानी रूस भारत को जितना बेच रहा है, भारत से उतना सामान रूस नहीं ले रहा। इस असंतुलन को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित करने के लिए रूस भारत से अधिक वस्तुओं का आयात बढ़ाने के इच्छुक है।

पेस्कोव ने अमेरिकी टैरिफ और पश्चिमी देशों के दबाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि अमेरिका या अन्य देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों या टैरिफ से भारत–रूस के व्यापार पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कोई स्वतंत्र देश किसके साथ व्यापार करे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिमी देश, विशेष रूप से अमेरिकी प्रशासन, रूस से तेल और हथियार खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और प्रतिबंध के माध्यम से दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं।

यह बयान पुतिन के आगामी भारत दौरे से पहले आया है, जो द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के रूप में आयोजित होने वाला है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच केवल ऊर्जा और रक्षा ही नहीं, बल्कि व्यापार, निर्यात, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक समझौते होने की संभावना है। रूस चाहता है कि भारत से वस्तुओं और निवेश का आयात बढ़े ताकि द्विपक्षीय व्यापार अधिक संतुलित और विविध हो सके। भारत और रूस ने 2030 तक लगभग 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को अपने दायरे में रखा हुआ है, और ऐसे में भारतीय निर्यात में वृद्धि, रूसी बाजारों तक पहुंच और व्यापार की विविधता को बढ़ाना अहम है।

इसके अलावा, पेस्कोव ने डॉलर आधारित भुगतान प्रणाली की जगह ऐसे नए व्यापार तंत्र की वकालत की जो भरोसेमंद हो और राजनीतिक दबाव से प्रभावित न हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापार पर बाहरी दबाव का असर न पड़े। रूस के इस रुख से स्पष्ट है कि वह भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को गहरा करना चाहता है और यह केवल तेल और ऊर्जा तक सीमित नहीं रहेगा। पुतिन के भारत दौरे से पहले यह बयान यह संकेत देता है कि रूस और भारत दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सहयोग के व्यापक अवसर तलाशने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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