यूपी विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश: विकास और वित्तीय स्थिरता प्रमुख उद्देश्य

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लखनऊ, 23 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वित्त वर्ष 2025‑26 का ₹24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट का उद्देश्य राज्य की विकास गति को बनाए रखना, प्राथमिक और आवश्यक क्षेत्रों को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना और वित्तीय स्थिरता को मजबूती देना बताया गया है। अनुपूरक बजट उस स्थिति में पेश किया जाता है जब मूल बजट में विभिन्न योजनाओं या आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त धन नहीं रहता या नई प्राथमिकताओं के लिए अतिरिक्त फंड की ज़रूरत होती है। इस बार अनुपूरक बजट मूल बजट का लगभग 3.03 प्रतिशत है और इसे पेश करने के पीछे सरकार का ध्यान विकास योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और सामाजिक क्षेत्रों पर अधिक फोकस करना रहा।

बजट में ऊर्जा और औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है ताकि बिजली आपूर्ति, ग्रिड विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को गति दी जा सके। साथ ही, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं के लिए भी पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और रोग-निवारक सेवाओं का लाभ जनता तक पहुँच सके। इसके अलावा, राज्य में बुनियादी ढांचे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भी धन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और अन्य लिंक मार्ग शामिल हैं।

वितरित व्यय की संरचना में राजस्व व्यय ₹18,369.30 करोड़ और पूंजीगत व्यय ₹6,127.68 करोड़ शामिल हैं, जो विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है और कुल बजट को ₹8,33,233.04 करोड़ तक पहुंचाता है। प्रमुख आवंटन में औद्योगिक विकास के लिए लगभग ₹4,874 करोड़, ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹4,521 करोड़, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए ₹3,500 करोड़, नगर विकास एवं शहरी क्षेत्र के लिए ₹1,758.56 करोड़, महिला एवं बाल विकास के लिए ₹535 करोड़, नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ₹500 करोड़, मेडिकल एजुकेशन के लिए ₹423.80 करोड़ और गन्ना व चीनी मिल विकास के लिए ₹400 करोड़ शामिल हैं।

वित्त मंत्री सुलेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि यह अनुपूरक बजट वित्तीय अनुशासन के तहत तैयार किया गया है और राज्य को राजस्व-सरप्लस स्थिति की ओर बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह बजट चुनावी लोकलुभावन वादों से अलग, विकास और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश का यह अनुपूरक बजट उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जो राज्य की ऊर्जा क्षमता, आर्थिक वृद्धि, स्वास्थ्य संसाधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हैं। बजट की संरचना से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने लालचपरक वादों से दूरी रखते हुए दीर्घकालिक विकास और वित्तीय रणनीति को प्राथमिकता दी है।

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