जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जब भारतीय सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन नियंत्रण खोकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। यह हादसा भद्रवाह क्षेत्र के खन्नी टॉप के पास उस समय हुआ, जब सेना के जवान ड्यूटी पर तैनाती के लिए पहाड़ी मार्ग से गुजर रहे थे। वाहन में करीब 17 जवान सवार थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि मौके पर ही कई जवानों ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। दुर्गम और खड़ी पहाड़ी ढलान होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद जवानों को खाई से बाहर निकाला गया। इस हादसे में कुल दस जवानों के शहीद होने की पुष्टि हुई है, जबकि करीब दस अन्य जवान घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट भी किया गया।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र ने अपने बहादुर सपूतों को खोया है और सरकार शहीदों के परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल सेना की ओर से हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि पहाड़ी सड़क, तीखा मोड़ और संभावित तकनीकी कारणों की वजह से यह दुर्घटना हुई हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यह हादसा एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के कठिन भौगोलिक हालात और सुरक्षा बलों के सामने मौजूद जोखिमों को उजागर करता है, जहाँ देश की सुरक्षा में तैनात जवान हर दिन अपनी जान को दांव पर लगाकर ड्यूटी निभाते हैं।




