अयोध्या, उत्तर प्रदेश | 23 जनवरी 2026 : बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर अयोध्या में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई। ‘एकम नॉलेज फाउंडेशन’ द्वारा ब्रिटेन से प्राप्त पहले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के तहत ‘एकम सांस्कृतिक केंद्र’ के निर्माण का औपचारिक शुभारंभ भूमि पूजन के साथ किया गया। वैदिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस समारोह ने अयोध्या के सांस्कृतिक और शैक्षणिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की नींव रखी।
मिल्कीपुर क्षेत्र में नदी तट के पास लगभग 25 एकड़ भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में काशी से आमंत्रित विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। सरस्वती पूजा के दिन सूर्योदय के साथ गूंजते मंत्रों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आयोजन का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपराओं और आधुनिक नवाचार के संगम को साकार करना रहा।
कार्यक्रम में स्थानीय और वैश्विक स्तर की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। करीब 500 लोग प्रत्यक्ष रूप से समारोह में शामिल हुए, जिनमें मिल्कीपुर विधायक श्री चंद्रभानु पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, शिल्पकार और सामाजिक संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत एवं जिला स्तर के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इसके साथ ही, ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने भी सहभागिता की।
समारोह के दौरान विधायक श्री चंद्रभानु पासवान ने कहा कि अयोध्या और देश को ऐसी पहलों की आवश्यकता है जो सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की दिशा भी तय करें। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और संस्कृति का केंद्र बताया।
‘एकम सांस्कृतिक केंद्र’ को केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक समग्र “ज्ञान और सांस्कृतिक परिसर” के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के प्रथम चरण में पर्यावरण के अनुकूल आवासीय इकाइयों और एक आध्यात्मिक केंद्र के निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा। यह परियोजना तीन मुख्य स्तंभों—वैदिक ज्ञान, सस्टेनेबिलिटी और सोसाइटी 5.0—पर आधारित होगी। इसमें स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक एवं पर्यावरण-संवेदनशील सामग्री तथा पारंपरिक मूल्यों के समावेश पर विशेष जोर दिया जाएगा।
एकम नॉलेज फाउंडेशन के निदेशक आशीष शुक्ला ने कहा कि यह भूमि पूजन केवल निर्माण की शुरुआत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समारोह का समापन सरस्वती वंदना और ‘विद्यारंभम’ अभियान की घोषणा के साथ हुआ, जिसके माध्यम से वैश्विक नागरिकों को इस ऐतिहासिक परियोजना से जुड़ने का आह्वान किया गया।
गौरतलब है कि एकम नॉलेज फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो अयोध्या में विश्वस्तरीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक परिसर के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपराओं और आधुनिक सामाजिक आवश्यकताओं के बीच सेतु बनाना है।




