अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर गठित अंतरराष्ट्रीय शांति मंच “Board of Peace” में अब इज़राइल भी शामिल होगा। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, जिससे इस मंच को वैश्विक राजनीति में एक नई अहमियत मिलती नजर आ रही है। यह बोर्ड मूल रूप से गाजा में संघर्ष विराम और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापना और राजनीतिक समाधान के मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।
Board of Peace का उद्देश्य युद्ध और संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिरता लाना, मानवीय सहायता को बढ़ावा देना और राजनीतिक संवाद के लिए एक नया मंच तैयार करना है। ट्रंप इसे संयुक्त राष्ट्र के समानांतर एक प्रभावशाली वैश्विक मंच के रूप में देख रहे हैं, जो तेज़ी से फैसले लेने और जमीन पर असर दिखाने में सक्षम हो। इस पहल के तहत कई देशों को शामिल होने का न्योता दिया गया है, ताकि यह मंच बहुपक्षीय सहयोग का केंद्र बन सके।
इज़राइल की भागीदारी को लेकर शुरुआत में कुछ असहमति भी देखने को मिली थी, खासकर तब जब तुर्की और क़तर जैसे देशों को बोर्ड के कार्यकारी ढांचे में शामिल किए जाने की चर्चा सामने आई। इसके बावजूद नेतन्याहू ने ट्रंप के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए बोर्ड का हिस्सा बनने पर सहमति दे दी। माना जा रहा है कि इज़राइल की मौजूदगी से मध्य पूर्व में चल रही कूटनीतिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।
अब तक इस बोर्ड में इज़राइल के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, मोरक्को, वियतनाम, कज़ाखस्तान, हंगरी, अर्जेंटीना और बेलारूस जैसे देश शामिल होने पर सहमत हो चुके हैं। इसके साथ ही भारत, मिस्र, कनाडा और रूस जैसे देशों को भी इसमें भाग लेने का न्योता भेजा गया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह मंच भविष्य में वैश्विक शांति प्रयासों के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Board of Peace में इज़राइल की एंट्री से पश्चिम एशिया के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आ सकता है। इससे क्षेत्रीय संवाद को बढ़ावा मिलने की संभावना है, वहीं तुर्की और क़तर जैसे देशों के साथ सहयोग के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। हालांकि, कुछ आलोचक इसे संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह नया शांति मंच वैश्विक राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाता है।




