संजय कपूर की विरासत पर कोर्ट की दहलीज पर परिवार, रानी कपूर ने फैमिली ट्रस्ट को बताया फर्जी

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दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की लगभग ₹30,000 करोड़ की संपत्ति और विरासत को लेकर परिवार के भीतर चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए परिवार द्वारा बनाए गए ‘RK फैमिली ट्रस्ट’ को अवैध, शून्य और धोखाधड़ीपूर्ण घोषित करने की मांग की है। रानी कपूर का आरोप है कि यह ट्रस्ट उन्हें संपत्ति और अधिकारों से वंचित करने के उद्देश्य से बनाया गया था और इसमें उनके साथ विश्वासघात किया गया।

रानी कपूर की याचिका के अनुसार यह फैमिली ट्रस्ट 26 अक्टूबर 2017 को बनाया गया था और इसमें अनैतिक दबाव, धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उनका कहना है कि उनके दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर ने 6 फरवरी 2013 को एक वसीयत बनाई थी, जिसमें अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति उन्हें सौंप दी थी। इस वसीयत को जनवरी 2016 में वैध भी घोषित किया जा चुका था, लेकिन बाद में संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर ने कथित रूप से एक साजिश के तहत यह ट्रस्ट बनवाया, जिससे रानी कपूर को संपत्ति से पूरी तरह अलग कर दिया गया।

रानी कपूर का दावा है कि ट्रस्ट में उनका नाम केवल औपचारिक तौर पर जोड़ा गया, जबकि वास्तविक नियंत्रण संजय कपूर और प्रिया कपूर के पास रहा। ट्रस्ट के तहत अधिकतर संपत्तियां प्रिया कपूर और उनके बच्चों के नाम कर दी गईं, जिससे रानी कपूर और परिवार के अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों को बाहर कर दिया गया। संजय कपूर के 12 जून 2025 को इंग्लैंड में पोलो खेलते समय अचानक निधन के बाद यह विवाद और भी तेज हो गया।

इस मामले में संजय कपूर की पूर्व पत्नी और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों समाइरा और किआन ने भी अदालत में याचिका दायर कर वसीयत और ट्रस्ट को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया और असली वसीयत को छिपाया गया। वहीं संजय कपूर की बहन मंधीरा कपूर ने भी प्रिया कपूर पर दबाव बनाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के आरोप लगाए हैं। पूरा मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने सबूत पेश कर रहे हैं और आने वाले महीनों में इस संपत्ति विवाद पर अहम सुनवाई होने की संभावना है।

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